मुंबई: मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो अब तक देशभर के लोगों से करीब ₹200 करोड़ की ठगी कर चुका था। यह गिरोह खासतौर पर मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स और सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
ऐसे काम करता था ठगों का तरीका
पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी नाम और तस्वीरों से शादी के लिए प्रोफाइल बनाते थे। पहले पीड़ितों से भावनात्मक रिश्ता बनाया जाता, फिर धीरे-धीरे भरोसा जीतकर उन्हें फॉरेक्स ट्रेडिंग और गोल्ड इन्वेस्टमेंट जैसे झूठे निवेश में पैसा लगाने के लिए उकसाया जाता था।
शुरुआत में पीड़ितों को वेबसाइट पर नकली मुनाफा दिखाया जाता, जिससे वे और ज़्यादा पैसा निवेश कर दें। जैसे ही बड़ी रकम ट्रांसफर होती, ठग पैसे को म्यूल बैंक अकाउंट्स के ज़रिए निकाल लेते थे।
छापेमारी और गिरफ्तारियाँ
यह मामला तब सामने आया जब नवंबर 2025 में पुलिस ने मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर स्थित एक लॉज में छापा मारा। इस कार्रवाई में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के खिलाफ 50 से ज़्यादा साइबर क्राइम केस दर्ज हैं, जो महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से जुड़े हुए हैं। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के मुख्य सरगना विदेश से ऑपरेट कर रहे हैं।
पुलिस की चेतावनी
मुंबई पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि:
- मैट्रिमोनियल या डेटिंग साइट पर मिले किसी व्यक्ति की निवेश सलाह पर भरोसा न करें
- किसी भी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच करें
शक होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
मैट्रिमोनियल साइबर स्कैम क्या होता है?
इस स्कैम में ठग:
- मैट्रिमोनियल साइट्स (Shaadi, Jeevansathi आदि)
- Facebook, Instagram, Telegram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
पर फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं और शादी के लिए बातचीत शुरू करते हैं।
धीरे-धीरे भावनात्मक रिश्ता बनाकर पीड़ित से पैसे निकलवाए जाते हैं, अक्सर किसी नकली निवेश या इमरजेंसी के नाम पर।
मुंबई का ₹200 करोड़ वाला स्कैम कैसे चला?
इस केस में आरोपी:
- फर्जी लड़का/लड़की बनकर बातचीत शुरू करते थे
- रोज़ बात करके भरोसा जीतते थे
- फिर Forex Trading / Gold Investment का लालच देते थे
- नकली वेबसाइट पर झूठा मुनाफा दिखाते थे
- ज़्यादा पैसा डालते ही अकाउंट ब्लॉक या गायब हो जाते थे
इसी तरीके से देशभर के लोगों से करीब ₹200 करोड़ की ठगी की गई।
ठग कौन-कौन से बहाने बनाते हैं?
ठग अक्सर ये बातें कहते हैं:
- “मैं विदेश में जॉब करता/करती हूँ”
- “मेरे अंकल ट्रेडिंग एक्सपर्ट हैं”
- “शादी से पहले फाइनेंशियल सेफ्टी ज़रूरी है”
- “यह मौका सिर्फ आज के लिए है”
यह सब मनोवैज्ञानिक चाल (Psychological Trap) होती है।
कौन लोग ज़्यादा शिकार बनते हैं?
इस स्कैम का शिकार ज़्यादातर:
- अकेले रहने वाले लोग
- शादी की उम्र के युवक/युवतियां
- तलाकशुदा या विधवा/विधुर
- NRI या रिटायर्ड लोग
भावनात्मक जुड़ाव इस स्कैम का सबसे बड़ा हथियार है।
पहचान कैसे करें कि सामने वाला स्कैमर है?
अगर सामने वाला व्यक्ति:
- बहुत जल्दी प्यार/शादी की बात करे
- वीडियो कॉल से बचता हो
- सिर्फ चैट या Telegram पर बात करे
- निवेश या पैसे की बात जल्दी शुरू करे
तो सावधान हो जाएँ।
मैट्रिमोनियल स्कैम से कैसे बचें?
✔ सुरक्षित रहने के आसान उपाय:
- प्रोफाइल की पूरी जांच करें
- आधार, पैन या OTP कभी शेयर न करें
- किसी भी तरह के निवेश लिंक से दूर रहें
- पैसे भेजने से पहले परिवार से बात करें
- शक हो तो बातचीत तुरंत बंद करें
अगर आप ठगी के शिकार हो जाएँ तो क्या करें?
- तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर कॉल करें
- cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
- बैंक को तुरंत जानकारी दें
- चैट, स्क्रीनशॉट, ट्रांजैक्शन डिटेल सुरक्षित रखें
जल्दी रिपोर्ट करने से पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
AjeyTalks की सलाह
याद रखें:
ऑनलाइन रिश्ते तभी सुरक्षित हैं, जब आप भावनाओं से नहीं, समझदारी से फैसला लें।
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