भारत में साइबर अपराध (Cyber Crime) अब सिर्फ तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आर्थिक संकट बनता जा रहा है। हाल ही में सामने आए सरकारी और साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (I4C) के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
पिछले 6 वर्षों में भारतीयों ने साइबर ठगी के कारण करीब 52,976 करोड़ रुपये गंवा दिए हैं।
- पिछले साल (2024) के आंकड़े भी डराने वाले
- सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य (2024-25)
- किस तरह की साइबर ठगी सबसे ज्यादा हो रही है?
- विदेशों से चल रहे हैं 45% साइबर स्कैम
- डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest Scam): नया और खतरनाक तरीका
- सरकार और पुलिस क्या कर रही है?
- आम लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
- अगर आप साइबर ठगी के शिकार हो जाएं तो क्या करें?
- AjeyTalks की सलाह
2025 में ही 19,813 करोड़ का नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार:
- सिर्फ 2025 में अब तक
- ₹19,813 करोड़ का सीधा आर्थिक नुकसान
- 21 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज
- यह आंकड़े दिखाते हैं कि साइबर ठग पहले से ज्यादा संगठित और आक्रामक हो चुके हैं।
पिछले साल (2024) के आंकड़े भी डराने वाले
- ₹22,849 करोड़ का नुकसान
- 19 लाख से ज्यादा साइबर ठगी की शिकायतें
- 2023 की तुलना में शिकायतों में भारी बढ़ोतरी
इसका मतलब साफ है — जागरूकता के बावजूद ठगी रुक नहीं रही।
सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य (2024-25)
| राज्य | शिकायतें | नुकसान |
|---|---|---|
| महाराष्ट्र | 2.83 लाख | ₹3,203 करोड़ |
| कर्नाटक | 2.13 लाख | ₹2,413 करोड़ |
| तमिलनाडु | 1.23 लाख | ₹1,897 करोड़ |
| उत्तर प्रदेश | 2.75 लाख | ₹1,443 करोड़ |
| तेलंगाना | 95,000 | ₹1,372 करोड़ |
👉 बड़े और डिजिटल रूप से सक्रिय राज्यों में ठगी का खतरा ज्यादा है।
किस तरह की साइबर ठगी सबसे ज्यादा हो रही है?
रिपोर्ट के अनुसार नुकसान का वितरण:
- 77% – निवेश (Investment Scam)
- फर्जी ट्रेडिंग ऐप
- क्रिप्टो और शेयर मार्केट स्कैम
- 8% – डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest Scam)
- 7% – क्रेडिट/डेबिट कार्ड फ्रॉड
- 4% – सेक्सटॉर्शन (Sextortion)
- 3% – ई-कॉमर्स फ्रॉड
- 1% – एआई और डीपफेक आधारित ठगी
विदेशों से चल रहे हैं 45% साइबर स्कैम
एक और बड़ा खुलासा:
- 45% साइबर ठगी
- कंबोडिया
- म्यांमार
- लाओस
जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से ऑपरेट की जा रही हैं।
यहीं से:
- डिजिटल अरेस्ट कॉल
- फर्जी पुलिस/CBI अधिकारी
- वॉट्सऐप वीडियो कॉल फ्रॉड
चलाए जाते हैं।
डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest Scam): नया और खतरनाक तरीका
इस स्कैम में:
- ठग खुद को CBI, पुलिस, ED या साइबर क्राइम अधिकारी बताते हैं
- वीडियो कॉल पर फर्जी ID दिखाते हैं
- कहते हैं:“आपका नाम पोर्न/ड्रग/मनी लॉन्ड्रिंग केस में है”
- डराकर कहते हैं कि“घर से बाहर निकले तो तुरंत गिरफ्तार कर लेंगे”
👉 याद रखें:
भारत में डिजिटल गिरफ्तारी जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती।
सरकार और पुलिस क्या कर रही है?
- 1930 हेल्पलाइन नंबर
- ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के लिए
- cybercrime.gov.in
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल
- बैंकों के साथ रियल-टाइम ट्रांजैक्शन ब्लॉकिंग सिस्टम
- AI आधारित फ्रॉड डिटेक्शन पर काम
आम लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
✔️ जरूरी साइबर सुरक्षा टिप्स
- अनजान कॉल/वीडियो कॉल पर भरोसा न करें
- कोई भी अधिकारी फोन पर गिरफ्तारी या जुर्माना नहीं मांगता
- निवेश से पहले ऐप और कंपनी की जांच करें
- OTP, UPI PIN, स्क्रीन शेयर कभी न करें
- डराने वाली कॉल आए तो कॉल काटें और रिपोर्ट करें
अगर आप साइबर ठगी के शिकार हो जाएं तो क्या करें?
- तुरंत 1930 पर कॉल करें
- cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
- बैंक को तुरंत सूचित करें
- कॉल, मैसेज, स्क्रीनशॉट सब सुरक्षित रखें
AjeyTalks की सलाह
साइबर ठग तकनीक से ज्यादा, डर और लालच का इस्तेमाल करते हैं।
जितना आप शांत और जागरूक रहेंगे, उतना ही सुरक्षित रहेंगे।
👉 AjeyTalks.com पर हम आपको:
- नए साइबर स्कैम की जानकारी
- रियल केस स्टडी
- डिजिटल सुरक्षा गाइड
नियमित रूप से देते रहेंगे।
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