नोएडा:
लैप्स बीमा पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने के नाम पर सैकड़ों लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का नोएडा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह कॉल सेंटर सेक्टर-10 में चल रहा था और अब तक करीब 500 लोगों को ठगने की बात सामने आई है।
🕵️♂️ कैसे हुआ खुलासा?
पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर नोएडा फेज-1 थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सेक्टर-10 के डी-ब्लॉक में एक बिल्डिंग पर छापा मारा। यहां से पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- करण शर्मा – निवासी सरगना
- मदन गुप्ता – मैनपुरी जिला
- प्रदीप के. वर्मा – खगड़िया, बिहार
तीनों आरोपी वर्तमान में नोएडा/ग्रेटर नोएडा में किराए पर रहकर इस फर्जी कॉल सेंटर को चला रहे थे।
📞 ठगी का पूरा तरीका (Modus Operandi)
आरोपी खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर उन लोगों से संपर्क करते थे जिनकी बीमा पॉलिसी लैप्स हो चुकी थी।
वे पीड़ितों को यह झांसा देते थे कि:
- उनकी पॉलिसी दोबारा चालू कराई जाएगी
- या लैप्स पॉलिसी का पैसा वापस दिलाया जाएगा
इसके बदले में वे “प्रोसेसिंग फीस” के नाम पर
👉 ₹10,000 से ₹1 लाख तक की रकम वसूलते थे।
कुछ दिन बाद आरोपी पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे और पैसा गायब कर देते थे।
💰 20 बैंक खाते फ्रीज, 1.20 करोड़ जब्त
एडीसीपी नोएडा के अनुसार:
- आरोपियों के 20 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है
- इन खातों में करीब ₹1.20 करोड़ रुपये जमा पाए गए
इन बैंक खातों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर
👉 तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से 20 शिकायतें दर्ज हैं।
🤝 कमीशन का खेल
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम:
- 20% कमीशन पर वोटिंग ऐप/मिडल अकाउंट्स में डाली जाती थी
- शेष 80% रकम सरगना को मिलती थी
इसी नेटवर्क के जरिए देशभर में ठगी का जाल फैलाया गया।
🚨 AjeyTalks की सलाह (Safety Alert)
अगर आपको:
- लैप्स पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने
- या पॉलिसी रिवाइव कराने के नाम पर
- अनजान कॉल या मैसेज आए
तो बिना वेरिफिकेशन पैसा बिल्कुल न दें।
बीमा कंपनी कभी भी:
❌ WhatsApp/Call पर फीस नहीं मांगती
❌ थर्ड-पार्टी अकाउंट में पैसा जमा नहीं कराती
👉 शक होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें
👉 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
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