देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने अब बेहद सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन “Tackling Cyber-Enabled Frauds & Dismantling the Ecosystem” में साइबर फ्रॉड के खिलाफ सरकार की रणनीति, अब तक की कार्रवाई और आने वाले समय की योजना को विस्तार से रखा।
- साइबर अपराध से लड़ाई: सभी एजेंसियां एक मंच पर
- Digital India की 11 साल की यात्रा: उपलब्धि और चुनौती
- Cyber Security अब National Security
- I4C की भूमिका और अब तक की प्रगति
- ₹20,000 करोड़ की ठगी, ₹8,189 करोड़ सुरक्षित
- 1930 हेल्पलाइन पर सख्त निर्देश
- Mule Account Hunter Software अनिवार्य
- SIM, मोबाइल और गिरफ्तारी पर बड़ी कार्रवाई
- Cyber Crime अब एक संगठित इंडस्ट्री
- 795 संस्थान I4C से जुड़े
- ट्रेनिंग, साइबर वॉरियर्स और जागरूकता
- निष्कर्ष: सतर्क नागरिक ही सबसे मजबूत सुरक्षा
इस सम्मेलन के दौरान गृह मंत्री ने CBI की नई Cyber Crime Branch का उद्घाटन किया और Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) के अंतर्गत State Cyber Crime Coordination Centre (S4C) Dashboard को लॉन्च किया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव, DoPT सचिव, IB निदेशक, CBI निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
साइबर अपराध से लड़ाई: सभी एजेंसियां एक मंच पर
अपने मुख्य भाषण में अमित शाह ने कहा कि साइबर अपराध से निपटना किसी एक विभाग का काम नहीं है। इसके लिए State Police, CBI, NIA, ED, DoT, MeitY, RBI, बैंकिंग सेक्टर और न्यायपालिका सभी मिलकर समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सभी संस्थान अपनी जिम्मेदारी समझकर एक-दूसरे के साथ तालमेल नहीं बनाएंगे, तब तक साइबर अपराध पर पूरी तरह काबू पाना संभव नहीं होगा।
गृह मंत्री ने CBI और I4C द्वारा आयोजित इस सम्मेलन को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई और प्रभावी होगी।
Digital India की 11 साल की यात्रा: उपलब्धि और चुनौती
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में Digital India की यात्रा पिछले 11 वर्षों में ऐतिहासिक रही है।
- 11 साल पहले देश में केवल 25 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता थे
- आज यह संख्या 100 करोड़ से अधिक हो चुकी है
- ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगभग 16 गुना बढ़े हैं
- 1 GB डेटा की कीमत में 97% तक की गिरावट आई है
उन्होंने बताया कि BharatNet Project के तहत पहले जहां केवल 546 ग्राम पंचायतें जुड़ी थीं, वहीं आज 2 लाख से अधिक पंचायतें इंटरनेट से कनेक्ट हो चुकी हैं।
UPI और डिजिटल पेमेंट के आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि केवल 2024 में ही भारत में 181 अरब से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए, जिनका कुल मूल्य ₹233 ट्रिलियन से ज्यादा रहा। वैश्विक स्तर पर देखें तो दुनिया का हर दूसरा डिजिटल लेनदेन भारत में हो रहा है।
Cyber Security अब National Security
गृह मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल आर्थिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुकी है। आर्थिक, सामाजिक, प्रशासनिक और सामरिक—हर स्तर पर साइबर हमलों का खतरा मौजूद है। ऐसे में डिजिटल क्रांति को सुरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
I4C की भूमिका और अब तक की प्रगति
जनवरी 2019 में स्थापित Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने देश में एक मजबूत साइबर इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया है। इसके माध्यम से विभिन्न एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित हुआ है।
अब तक के प्रमुख आंकड़े:
- I4C पोर्टल पर 23 करोड़ से अधिक विज़िट
- 82 लाख से ज्यादा साइबर अपराध शिकायतें दर्ज
- 1.84 लाख FIR में बदली गईं शिकायतें
- 62 बैंक और वित्तीय संस्थान पहले ही I4C से जुड़ चुके हैं
सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक सभी बैंक, जिनमें सहकारी बैंक भी शामिल हैं, I4C प्लेटफॉर्म से जुड़ जाएं।
₹20,000 करोड़ की ठगी, ₹8,189 करोड़ सुरक्षित
अमित शाह ने बताया कि साइबर फ्रॉड के मामलों में कुल अनुमानित नुकसान करीब ₹20,000 करोड़ का था। सरकार ने अब तक ₹8,189 करोड़ की राशि को फ्रीज़ कर या पीड़ितों को वापस दिलाया है। यह एक बड़ी उपलब्धि है और इसके लिए उन्होंने I4C, CBI और अन्य संबंधित एजेंसियों को बधाई दी।
1930 हेल्पलाइन पर सख्त निर्देश
गृह मंत्री ने देशभर की पुलिस को निर्देश दिया कि 1930 साइबर हेल्पलाइन पर पर्याप्त कॉल हैंडलर तैनात किए जाएं। उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित की कॉल समय पर नहीं उठी, तो पैसा कुछ ही मिनटों में अपराधियों के हाथ चला जाता है। इससे 1930 हेल्पलाइन की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठता है।
Mule Account Hunter Software अनिवार्य
अमित शाह ने सभी बैंकों—चाहे वे सरकारी हों, निजी हों या सहकारी—को निर्देश दिया कि वे Mule Account Hunter Software को तुरंत अपनाएं। यह सॉफ्टवेयर भारत सरकार और RBI द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। जब तक बैंक अपने सिस्टम से म्यूल अकाउंट्स को पूरी तरह साफ नहीं करेंगे, तब तक उपभोक्ताओं को पूर्ण सुरक्षा देना संभव नहीं है।
SIM, मोबाइल और गिरफ्तारी पर बड़ी कार्रवाई
दिसंबर 2025 तक सरकार द्वारा की गई कार्रवाई:
- 12 लाख से अधिक SIM कार्ड रद्द
- 3 लाख मोबाइल फोन के IMEI नंबर ब्लॉक
- 20,853 साइबर अपराधी गिरफ्तार
यह आंकड़े बताते हैं कि साइबर अपराध के खिलाफ अब केवल चेतावनी नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर सख्त एक्शन लिया जा रहा है।
Cyber Crime अब एक संगठित इंडस्ट्री
गृह मंत्री ने चेताया कि साइबर अपराध अब व्यक्तिगत स्तर से निकलकर एक संगठित इंडस्ट्री बन चुका है। पहले जहां अकेले हैकर होते थे, अब वहां पूरे नेटवर्क, कॉल सेंटर्स और अकाउंट खरीद-बिक्री का सिस्टम खड़ा हो चुका है। अपराधी AI और ऑटोमेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे चुनौती और गंभीर हो गई है।
795 संस्थान I4C से जुड़े
वर्तमान में 795 संस्थान—जिनमें बैंक, फिनटेक कंपनियां, NBFC और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शामिल हैं—I4C से जुड़े हुए हैं। गृह मंत्री ने कहा कि इन संस्थानों को I4C के कॉल और अलर्ट को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि NPA कम करना जरूरी है, लेकिन ग्राहकों की सुरक्षा उससे कम महत्वपूर्ण नहीं हो सकती।
ट्रेनिंग, साइबर वॉरियर्स और जागरूकता
सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए कई पहल शुरू की हैं:
- Cyber Warriors Program
- CyTrain Online Training Platform
- राज्यों में Cyber Forensic Labs
- देशव्यापी जागरूकता अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ के माध्यम से साइबर अपराध को लेकर जनता को लगातार जागरूक किया है। हालांकि अमित शाह ने कहा कि यह लड़ाई केवल सरकार या प्रधानमंत्री अकेले नहीं जीत सकते, इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।
निष्कर्ष: सतर्क नागरिक ही सबसे मजबूत सुरक्षा
अपने संबोधन के अंत में गृह मंत्री ने कहा कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए जाते, तो साइबर फ्रॉड एक राष्ट्रीय संकट बन सकता था। आज सरकार, एजेंसियां और संस्थान मिलकर काम कर रहे हैं, लेकिन सबसे मजबूत कड़ी सतर्क नागरिक हैं।
AjeyTalks की अपील:
- कभी भी OTP, PIN या बैंक डिटेल साझा न करें
- अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें
- साइबर ठगी होते ही तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
साइबर सुरक्षा में आपकी जागरूकता ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है।
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